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Arrow एलएनआईपीई के घनश्याम को अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय (ट्रैक एंड फील्ड) प्रतियोगिता में ब्रांज पदक
 

एलएनआईपीई के घनश्याम को अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय (ट्रैक एंड फील्ड) प्रतियोगिता में ब्रांज पदक अलवास काॅलेज,...

Posted by LNIPE on Wednesday, 5 December 2018
 
Arrow एलएनआईपीई जिम्नास्टिक खिलाड़ी मधु को सिल्वर व गल्र्स की संयुक्त टीम को अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में ब्रांज पदक
 

एलएनआईपीई जिम्नास्टिक खिलाड़ी मधु को सिल्वर व गल्र्स की संयुक्त टीम को अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में...

Posted by LNIPE on Sunday, 2 December 2018
 
Arrow Three Days Workshop on Sports Management for Principals & TGT (P&HE) of K.V. Sangathan 15-17 Nov 2018
 

Three Days Workshop on Sports Management for Principals & TGT (P&HE) of K.V. Sangathan 15-17 Nov 2018 एलएनआईपीई मे श्खेल प्रबंधन पर तीन दिवसीय कार्यशालाश् का आयोजन लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में श्खेल प्रबंधन पर तीन दिवसीय कार्यशालाश् (केवीएस के प्राचार्यों व शारीरिक शिक्षा अध्यापकों हेतु) का आयोजन किया गया हैं। कार्यशाला के शुभांरभ समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. एस.एन मुखर्जी (प्रभारी कुलपति, एलएनआईपीई), विशिष्ट अतिथि प्रो विवेक पांडे (प्रभारी कुलसचिव, एलएनआईपीई), डाॅ. पी देवकुमार (डिप्टी कमिश्नर, एकेडमिक/स्पोट्र्स, केवीएस) प्रो. एल.एन सरकार (विभागाध्यक्ष, स्वास्थ शिक्षा विभाग) रहें। समारोह में मुख्य अतिथि प्रभारी कुलपति प्रो. मुखर्जी का स्वागत डाॅ. पी.एस दारा (ओ.एस.डी (एस), केवीएस), डाॅ. पी देवकुमार (डिप्टी कमिश्नर, एकेडमिक/स्पोट्र्स, केवीएस) का स्वागत कोर्स निदेशक प्रो. के.के साहु (विभागाध्यक्ष, खेल प्रबंधन व कोचिंग विभाग) प्रभारी कुलसचिव प्रो. पांडे का स्वागत श्री एच.एस कुशवाहा( समन्वयक, केवीएस) ने किया। समारोह में कोर्स की महत्वता पर प्रकाश डालते हुए कोर्स निदेशक प्रो. साहु ने प्रतिभागियो को बताया कि डिजीटल युग के आज के दौर में तेजी से परिवर्तित हो रहे शिक्षण क्षेत्र में आपको भी शारीरिक शिक्षा के सैद्धांतिक व प्रायोगिक पक्षों के तकनीकी बदलावों से परिचित होना आवश्यक हैं इसलिए इस कोर्स के माध्यम से आपको खेल प्रंबधन, वित्तिय प्रबंधन, फिटनेस प्रबंधन, शोध, प्रयोगशाला व डिजीटीकरण का इन पर प्रभाव जैसे विषयों पर व्याख्यान व प्रयोगिक जानकारियां सांझा करने का प्रयास किया जाएगा। इस कार्यशाला के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 75 प्रतिभागी व 6 विशेषज्ञ केवीएस द्वारा नियुक्त संस्थान पधारें हैं। कार्यशाला में 5 प्राचार्यों व 5 आचार्यों की एक कमेटी भी बनाई गई हैं जो कि कार्यशाला के अंत में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी जिसमें वह कार्यशाला से जुड़ी तीनों ही दिनों की संक्षिप्त जानकारी के साथ भविष्य के लिए कार्यशाला से संबधित सलाह भी देगी। कार्यशाला में आए प्रतिभागियों की आज तक के व्याख्यान व प्रायोगिक सत्रों में एरोबिक्स व योगा का प्रायोगिक सत्र डाॅ मेघा साहु व डाॅ निबु. आर. कृष्णन ने लिया जबकि व्याख्यान सत्र में प्रभारी कुलसचिव प्रो. पांडे ने खेल संसाधनों, ढ़ाचों व क्रीड़ास्थल के उपयोग पर, प्रो. एल.एन सरकार ने शोध व प्रयोगशाला की महत्वता पर, प्रो. मुखर्जी ने स्पोट्र्स एजेंसी से संपर्क व संबध पर, डाॅ. चंद्रशेखर ने रिकार्ड व रिजल्ट के संरक्षण व प्रो. आशिष फुलकर ने फिटनेस व न्यूटिशन प्रबंधन पर व्याख्यान दिया हैं।

Posted by LNIPE on Friday, 16 November 2018
 
Arrow Closing of West Zone Inter University Hockey(Women) Championship 2018
   
Arrow Opening of West Zone Inter University Hockey(Women) Championship 2018
   
Arrow Commonwealth Judo Championships (Jaipur) 06-10 Nov. 2018
   
Arrow Closing of West Zone Inter University Hockey (Men) Tournament , 06 November, 2018
   
Arrow West Zone Inter University Hockey (Men) Tournament , 02 November, 2018
   
Arrow एलएनआईपीई में सीआरपीएफ के जवानों के लिए शारीरिक प्रशिक्षण प्रबंधक व पीटीआई (फिजीकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) कार्यक्रम का समापन
 

एलएनआईपीई में सीआरपीएफ के जवानों के लिए शारीरिक प्रशिक्षण प्रबंधक व पीटीआई (फिजीकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) कार्यक्रम का समापन लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आज सीआरपीएफ ग्वालियर के अफसरों व जवानों के लिए 21 दिन की शारीरिक प्रशिक्षण प्रबंधक व पीटीआई (फिजीकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) कार्यक्रम का समापन श्री आर.पी पांडे (आईजी, सीटीसी, सीआरपीएफ, ग्वालियर) के मुख्य आतिथ्य में हुआ। शुभांरभ समारोह के विशिष्ट अतिथि संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा व प्रो. विवेक पांडे (प्रभारी कुलसचिव, एलएनआईपीई) रहें। समारोह में सर्वप्रथम प्रो. विल्फ्रेड वॉज (निदेशक, बाह्य सेवाएं) ने मुख्य अतिथि श्री आर.पी पांडे, विशिष्ट अतिथि कुलपति प्रो. डुरेहा व प्रभारी कुलसचिव प्रो. पांडे का स्वागत किया। स्वागत उपरांत विशिष्ट अतिथि कुलपति प्रो. डुरेहा का संबोधन हुआ। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. डुरेहा ने हम प्रसन्न हैं और भविष्य में भी आपके साथ ऐसे कार्यक्रम का आयोजन करना चाहेंगे। हमारे प्राध्यापकों व प्रशिक्षकों ने आपके अनुसार इस कार्यक्रम के उददेश्यों को पूर्ण करने का अपना श्रेष्ठ प्रयास किया और मुझे आशा हैं कि आप सभी इसे संतुष्ट होंगे। कल (मंगलवार) एडीजी श्री एस.एन श्रीवास्तव जी हमारे संस्थान आए और उन्होनें हमारे कुलसचिव प्रो. पांडे को आपके सूझावों पर एक रिपोर्ट दिया हैं जिस पर हमने आज चर्चा कर ली हैं मैं आपसे वादा करता हुं कि आपके सुझावों पर उचित निर्णय लिया जाएगा और कार्यक्रम को आपके और अनुकूल बनाया जाएगा। हमे ंआप पर (सीआरपीएफ) गर्व हैं और हमें इस कार्यक्रम का अवसर देने के लिए आपको धन्यवाद। विशिष्ट अतिथि कुलपति प्रो. डुरेहा के उपरांत मुख्य अतिथि श्री आर.पी पांडे का संबोधन हुआ। अपने संबोधन में उन्होने कुलपति प्रो. डुरेहा, प्रभारी कुलसचिव प्रो. पांडे, प्रो. विल्फ्रेड वॉज व डॉ गौरव सनरौत्रा को कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह हमारा सौभाग्य हैं कि हमें एलएनआईपीई जो कि देश ही नही बल्कि अंर्तराष्टीय स्तर पर शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र का प्रतिष्ठित संस्थान हैं, यहां आकर सीखने का अवसर मिला। विशिष्ट अतिथि श्री पांडे ने सभा का बताया कि हम पिछले एक वर्ष से इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहे थे, मैं बहुत आभारी हुं संस्थान के कुलपति प्रो. डुरेहा ने इस दौरान हमारा पूरा सहयोग किया। हम भी आपके साथ सीखने इस प्रक्रिया को आगे भी जारी रखना चाहते हैं। हमारे लिए यह कार्यक्रम काफी आवश्यक हैं क्योंकि हमारे कार्यक्षेत्र में फिटनेस की सबसे अहम भुमिका होती हैं। सीआपीएफ में 3,25,000 जवान हैं और हमारे जवान आंतरिक सुरक्षा से जुडे सभी मामलों जैसे नक्सल समस्या, आपदा प्रबंधन, चुनाव हो आदि सभी मामलों में हमारे जवान पहाड़ो, जंगलों, युद्ध क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं। इस दौरान हमारे कई जवान गंभीर रूप से चोटिल भी हो जाते हैं और कई ऐसे जवान होते हैं जो चोट से उबर नहीं पाते व उन्हें समय से पहले सैन्य सेवा से बाहर जाना पड़ता हैं। इस कार्यक्रम के द्वारा हमारे जवान चोटों से कैसे बचें, अपने शरीर को ट्रेनिंग के लिए कैसे तैयार करें तथा चोट से कैसे सफलतापूर्वक स्वस्थ होकर कार्य पर लौटे, इन सभी महत्वपूर्ण पक्षों जाना। यह कार्यक्रम हमारे लिए अत्यंत ही लाभकारी रहा हैं, यहां आकर हमने यह भी जाना कि यहां शारीरिक शिक्षा का वैज्ञानिक पक्ष क्या हैं। कौन से व्यायाम से कौन सा मसल्स टारगेट किया जाता हैं किस व्यायाम से इंडयोरेंश व किससे स्टैं्रथ आएगी तथा न्युट्रिशन, रिकवरी व रिहैंब की क्या भुमिका हैं फिटनेस में। हमारे सीआरपीएफ का स्पोर्ट्स इतिहास काफी अच्छा रहा हैं हमारे यहां पद्मश्री गुरूचरन सिंह रंधावा (1964, टोक्यो ओलम्पिक) श्रीमती कुंजोरानी (वेट लिफ्टर), श्रीमती रिचा शर्मा (स्विमर), श्री खजान सिंह (सिल्वर मेडलिस्ट, एशियाड 1986), श्री हरिचंद (लांग डिस्टेंस रनर, गोल्ड मेडलिस्ट, एशियाड) सीमा अटिंल (जुनियर वर्ल्ड कप चैंपियन) जैसे कई अच्छे खिलाडी रहें हैं। अंत में मैं कुलपति प्रो. डुरेहा, प्रभारी कुलसचिव प्रो. पांडे, प्रो. वॉज, डॉ. दॉस व डॉ सनरौत्रा को पुनः कार्यक्रम के सफल आयोजन के धन्यवाद करता हुं। मुख्य अतिथि के संबोधन के उपरांत सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट वितरित किया गया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. गौरव सनरौत्रा व धन्यवाद प्रस्ताव डॉ प्रमोद कुमार दास ने प्रेषित किया। आज के समापन समारोह से पूर्व कल दिनांक 23.10.2018 को सीआरपीएफ के एडीजी श्री एस.एन श्रीवास्तव संस्थान आए थे और प्रतिभागियों से कार्यक्रम की उपयुक्तता व उददेश्यों पर चर्चा की थी। प्रतिभागी सीआरपीएफ के अधिकारियां व जवानों ने इस दौरान एडीजी श्री श्रीवास्तव को कार्यक्रम का फीडबैक दिया था जिसपर एडीजी श्री श्रीवास्तव ने प्रसन्नता जाहिर की थी और अपनी एक रिपोर्ट संस्थान के प्रभारी कुलसचिव प्रो. विवेक पांडे से सांझा किया था।

Posted by LNIPE on Wednesday, 24 October 2018
 
Arrow 11th convocation of TNPESU
   
 

https://youtu.be/kcKvFKhhlrU

Posted by LNIPE on Wednesday, 10 October 2018
 
Arrow एलएनआईपीई में आई.ए.ए.एफ सीईसीएस-लेवल कोर्स का शुभारंभ
 

एलएनआईपीई में आई.ए.ए.एफ सीईसीएस-लेवल 1 कोर्स का शुभारंभ लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान व ए.एफ.आई (एथलेटिक फेडरेशन आॅफ इंड़िया) के संयुक्त तत्वाधान में आज दिनांक 05.10.2018 से 16.10.2018 तक आयोजित 12 दिवसीय आई.ए.ए.एफ सीईसीएस-लेवल 1 कोर्स का शुभारंभ आज संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रो. विवेक पांडे (प्रभारी कुलसचिव, एलएनआईपीई) रहें। कोर्स को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतू आईएएफएफ के दो व्याख्याता डाॅ. एम.एच.एन कुसामा (इंडोनेशिया) व श्री प्रवीर सिंह (ै।प्, पटियाला) बतौर विशेषज्ञ संस्थान पधारें हैं। शुभांरभ समारोह के आरंभ में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. डुरेहा, विशिष्ट अतिथि कुलसचिव प्रो. पांडे, दोनो विशेषज्ञों का स्वागत किया गया। समारोह में प्रो. ए.एस साजवान (विभागाध्यक्ष, खेल जैवयांत्रिकी) ने प्रतिभागियों को कोर्स की रूपरेखा का परिचय दिया और कहा कि आई.ए.ए.एफ (इंटरनेशनल एसोसिएसन आॅफ एथलेटिक फेडरेशन) द्वारा आयोजित यह सीईसीएस अर्थात कोचेस एजूकेशन सर्टिफिकेट सिस्टम - लेवल 1 वर्तमान भारतीय परिदृश्य के लिए आवश्यक हैं। इस 12 दिवसीय कोर्स के अंत में जो प्रतिभागी इसमें सफल होंगे वह लेवल-1 क्वालिफाइड प्रशिक्षक के तौर पर अंडर-16 बच्चों के मध्य ग्रासरूट स्तर पर एथलेटिक्स को अन्य खेलों की भांति लोकप्रिय व सरल बनाने में सहायता करेंगे। इसके बाद प्रतिभागी लेवल-2 व लेवल-3 के सर्टिफिकेेट की पात्रता प्राप्त कर लेते हैं। लेवल-2 के उपरांत आप अंडर-20 व लेवल-3 के उपरांत आप सीनियर राष्टीय टीम के कोच की पात्रता हासिल कर लेते हैं। समारोह के अंत में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो डुरेहा ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम आई.ए.ए.एफ, के दोनो विशेषज्ञों डाॅ.़ कुशामा व श्री प्रवीर सिंह को धन्यवाद व स्वागत किया और कहा कि हम सभी अत्यंत ही प्रसन्न हैं कि आई.ए.ए.एफ और एएफआई ने सीईसीएस-लेवल 1 कोर्स के लिए हमें अवसर दिया। हमारे देश में खेलों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए युवा कल्याण व खेल मंत्रालय, माननीय मंत्री कर्नल श्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के कुशल नेतृत्व में कई योजनाओं को ला रही हैं। इसमें अभी सबसे प्रमुख खेलों इंडिया की बात करें तो इसके द्वारा हम सभी का प्रयास खेलों को बच्चों की दिनचर्या में जोड़ने का हैं। प्रत्येक कोई न कोई खेल खेलें साथ ही उसमें अच्छा कर अपना करियर भी बनाए। हम देख रहें हैं कि खेल मंत्रालय ने जिस प्रकार खेलों की समस्या को दूर किया हंै उसका सकरात्मक प्रभाव हमारे अंर्तराष्टीय प्रतियोगिताओं मंे प्रदर्शन जैसे एशियन गेम्स पर भी पड़ा हैं। आप सभी प्रतिभागियों को कोर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए मेरी शुभकामनाएं और धन्यवाद। कोर्स में कुल 24 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभागिता दर्ज करायी हैं। समारोह में स्वागत भाषण व संचालन डाॅ. जे.पी भूकर (सहायक प्राध्यापक, एलएनआईपीई) तथा धन्यवाद प्रस्ताव श्री डेली कृष्णन ने दिया।

Posted by LNIPE on Sunday, 7 October 2018
 
Arrow एलएनआईपीई में सीआरपीएफ के जवानों के लिए शारीरिक प्रशिक्षण प्रबंधक व पीटीआई कार्यक्रम का शुभारंभ
 

एलएनआईपीई में सीआरपीएफ के जवानों के लिए शारीरिक प्रशिक्षण प्रबंधक व पीटीआई (फिजीकल टेनिंग इंस्ट्रक्टर) कार्यक्रम का शुभारंभ लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आज सीआरपीएफ ग्वालियर के अफसरों व जवानों के लिए 21 दिन की शारीरिक प्रशिक्षण प्रबंधक व पीटीआई (फिजीकल टेनिंग इंस्ट्रक्टर) कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। शुभांरभ समारोह के विशिष्ट अतिथि श्री आर.पी पांडे (आईजी, सीटीसी, ग्वालियर) व प्रो. विवेक पांडे (प्रभारी कुलसचिव, एलएनआईपीई) रहें। शुभारंभ समारोह का आरंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के आगे दीप प्रजवलन के साथ हुआ। इसके उपरांत मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. डुरेहा व विशिष्ट अतिथियों का स्वागत व संबोधन हुआ। सभा में सर्वप्रथम संबोधन विशिष्ट अतिथि श्री आर.पी पांडे का हुआ, अपने संबोधन में उन्होने कुलपति प्रो. डुरेहा, प्रभारी कुलसचिव प्रो. पांडे, प्रो. विल्फ्रेड वाॅज व डाॅ गौरव सनरौत्रा को कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद कहा। विशिष्ट अतिथि श्री पांडे ने सभा का बताया कि हम पिछले एक वर्ष से एलएनआईपीई (जो कि एशिया में शारीरिक शिक्षा सबसे का प्रतिष्ठित संस्थान हैं) के साथ इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहे थे, मैं बहुत आभारी हुं संस्थान के कुलपति प्रो. डुरेहा कि उन्होने इस पूरे कार्यक्रम अंतिम रूपरेखा तैयार करने के साथ ही आज कार्यक्रम के शुभांरभ होने तक हमारा बहुत सहयोग किया। हमारे लिए यह कार्यक्रम काफी आवश्यक हैं क्योंकि हमारे कार्यक्षेत्र में फिटनेस की सबसे अहम भुमिका होती हैं। हमारे जवान पहाड़ो, जंगलों, युद्ध क्षेत्र व कड़ी टेनिंग के दौरान चोटिल हो जाते हैं और कई ऐसे जवान होते हैं जो चोट से उबर नहीं पाते व उन्हें समय से पहले सैन्य सेवा से बाहर जाना पड़ता हैं। इस कार्यक्रम के द्वारा हमारे जवान चोटों से कैसे बचें, अपने शरीर को ट्रेनिंग के लिए कैसे तैयार करें तथा चोट से कैसे सफलतापूर्वक स्वस्थ होकर कार्य पर लौटे, इन सभी महत्वपूर्ण पक्षों को समझ सकेंगे व इस पर कार्य कर सकेंगे। सभा में अपने संबोधन मे कुलसचिव प्रो. पांडे ने कहा कि इस कोर्स का आयोजन करना हमारे लिए भी विशेष हैं, आपके साथ कार्य करके हम ऐसा अनुभव हो रहा हैं जैसे हम देश की सेवा में लगे हैं। आप लोगों में देश के प्रति स्वयं से पहले देश के बारे में सोचने का जो विचार होता हैं, इस गुण को हम सभी इस कार्यअवधि के दौरान अवश्य ही आत्मसात करना चाहेंगे। मैं आपसे यह भी अनुरोध करना चाहुंगा कि आप कोर्स के समापन पर हमें फीडबैक अवश्य दें जिससे हम भविष्य के लिए आपके अनुसार कोर्स में उचित बदलाव कर सकें। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. डुरेहा का संबोधन हुआ। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. डुरेहा ने कहा कि हमारे लिए आज का दिन यादगार हैं क्योंकि आज से पहले हमने कभी भी किसी भी सैन्य बल के साथ ऐसे कार्यक्रम का आयोजन नही किया हैं मैं आईजी श्री पांडे जी को धन्यवाद कहना चाहुंगा कि उन्होने हमें अपने साथ कार्य करने का अवसर दिया। मैं स्वयं भी सैन्य परिवार से आता हुं, मेरे बहुत सारे मित्र सेना में हैं, हमारे संस्थान के कई सारे पूर्व छात्र सेना में हैं तो मैं काफी प्रसन्न हुं कि हम साथ में ऐसे कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं जिससे सीआरपीएफ के जवानों को लाभ होगा। हम इस कार्यक्रम के द्वारा अपना सर्वोत्तम प्रयास करेंगे कि आपको बेहतर तैयार कर सकें व जानकारी दे सकें और जैसा कि कुलसचिव प्रो. पांडे ने कहा कि आप अपना फीडबैक अवश्य दें जिससे कि हम भविष्य में आपके अनुसार कार्यक्रम में उचित सुधार कर सकें। आपके साथ इस कार्यक्रम का समाचार जब भारतीय वायु सेना के ग्वालियर कंेद्र को मिला तो उन्होने भी हमें अनुरोध किया हैं कि हम उनके साथ भी ऐसे कार्यक्रम को सांझा करें। हमें प्रसन्नता हैं कि आप लोगो के द्वारा हम भी देश की सेवा का लाभ उठा पाएंगे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण डाॅ प्रमोद कुमार दास व धन्यवाद प्रस्ताव डाॅ. गौरव सनरौत्रा ने प्रेषित किया।

Posted by LNIPE on Thursday, 4 October 2018
 
Arrow एलएनआईपीई में योग में शोध अनुसंधान विषय पर कार्यशाला का आयोजन
 

एलएनआईपीई में योग में शोध अनुसंधान विषय पर कार्यशाला का आयोजन लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आज यौगिक...

Posted by LNIPE on Wednesday, 3 October 2018
 
Arrow एलएनआईपीई में नैचुरोपैथी कार्यशाला का आयोजन
 

एलएनआईपीई में नैचुरोपैथी कार्यशाला का आयोजन लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आज यौगिक विज्ञान विभाग द्वारा नैचुरोपैथी विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला कम व्याख्यान का आयोजन हुआ। कार्यशाला की विशेषज्ञ व मुख्य वक्ता डाॅ. आशा माहेश्वरी (वैकल्पिक चिकित्सा विशेषज्ञ) रहीं। कार्यशाला के आरंभ में डाॅ. इंदु बोरा (विभागाध्यक्ष, यौगिक विज्ञान विभाग, एलएनआईपीई) ने डाॅ. माहेश्वरी का स्वागत किया। डा.ॅ माहेश्वरी ने अपने कार्यशाला में एक्युप्रेशर व एक्युपंचर पर व्याख्यान के साथ कार्यशाला का आरंभ किया। डाॅ. माहेश्वरी ने कहा कि एक्युप्रेशर व एक्युपंचर के माध्यम से हम कई रोगों का निवारण कर सकते हैं, 5000 साल पहले योग के साथ ही नैचुरोपैथी, एक्युप्रेशर व एक्युपंचर से हम परिचित हुए थे। इसका विवरण हमें गीता में मिलता हैं। गीता में भीष्म पितामह जब तीरों की शैय्या पर थे व 6 माह से अधिक समय तक जीवित रहें जिससे हमें ज्ञात होता हैं कि उन्हें कही न कही से जीवन शक्ति प्राप्त हो रही थी। एक्युप्रेशर व एक्युपंचर का सिद्धान्त यहीं से हैं, इस विधा के द्वारा हम हमारे शरीर में उपस्थित एनर्जी प्वाइंटस को सक्रिय व निष्क्रिय कर व्यक्ति के रोगो का निवारण करते हैं। डाॅ माहेश्वरी ने यैंग व यीन एनर्जी की चर्चा करते हुए कहा कि यैंग एनर्जी सूर्य से हमें प्राप्त होती हैं जिससे व्यक्ति में गुस्सा, लंबाई अधिक होती है वही यीन एनर्जी धरती से हमें प्राप्त होता हैै जिससे व्यक्ति में गहराई व शांति आती हैं। उदाहरण के तौर पर जब भी हमारे यहां कोई अतिथि बाहर से आता हैं तो उसमें यैंग एनर्जी अधिक होती है, जब हम उन्हें पानी देते हैं तो वह यीन एनर्जी वह प्राप्त करता हैं और दोनो ही एनर्जी का व्यक्ति के शरीर में संतुलन हो जाता हैं जिससे व्यक्ति संयमित व शांत अवस्था में पहुंच जाता हैं। आर्थराइटिस व मोटापे के रोगियों में यीन व पतले व गुस्सैल व्यक्तियों में यैंग एनर्जी जिम्मेदार होता हैं। अंतः हम यह समझ सकते हैं कि हमारे शरीर मंे एनर्जी का संतुलन आवश्यक हैं और यदि हमने एनर्जी का संतुलन नहीं रखा हम कई रोगों से ग्रसित हों जाएगंे। इसका अंतिम परिणाम अर्थात किसी भी एक शक्ति का ही शरीर में होना मृत्यु का कारण होता हैं। हम अपने भोजन, दिनचर्या व व्यायाम के माध्यम से अपने इन्ही दोनों एनर्जी को जीवन भर संतुलित करते हैं। डाॅ. माहेश्वरी ने जीवन काल को 6 चक्रों में समझाते हुए कहा कि वाॅटर से आरंभ यह चक्र विन्ड, हाॅॅट, हाॅटनेस, ह्युमिडिटी व ड्राईनेस अर्थात मृत्यु पर समाप्त होती है। यह सभी चक्र हमारे जीवन व्यवहार अर्थात गुस्से, प्यार, डर, नटखटपन व गंभीर होने जैसे भावनाओं की अधिकता व कमी का कारण है। व्याख्यान के अंत में डाॅ. माहेश्वरी ने छात्रों को एक्युप्रेशर व एक्युपंचर का व्यवहारिक ज्ञान दिया व उनके संदेहों, सवालोें का जवाब दिया।

Posted by LNIPE on Monday, 1 October 2018
 
Arrow एलएनआईपीई में हिन्दी कार्यशाला व अनुवाद प्रतियोगिता का आयोजन
 

हिंदी कार्यशाला (18-सितंबर-2018) मुख्य अतिथि डॉ अरविंद दुबे

एलएनआईपीई में हिन्दी कार्यशाला व अनुवाद प्रतियोगिता का आयोजन लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आयोजित सात दिवसीय हिन्दी सप्ताह कार्यक्रम के अनुसार आज अपराह्न डाॅ. अरविंद दुबे (नेत्र विशेषज्ञ) के मुख्य आतिथ्य में हिन्दी कार्यशाला का आयोजन हुआ। समारोह में प्रो. जे.पी वर्मा (प्रभारी कुलपति, एलएनआईपीई) विशिष्ट अतिथि रहें। समारोह के आरंभ में श्री एम.पी सिंह (ज्वांइट रजिस्ट्रार, एलएनआईपीई) ने मुख्य अतिथि डाॅ. दुबे व कुलपति प्रो. वर्मा का स्वागत किया। स्वागत समारोह के उपरांत कार्यशाला आरंभ हुई जिसमें मुख्य अतिथि डाॅ. दुबे ने हिन्दी भाषा के विकास व विस्तार पर प्रकाश डाला। डाॅ. दुबे ने कहा कि भाषा के विकास व विस्तार की पहली शर्त यह हैं कि भाषा का स्वरूप उदार हो। भाषा यदि उदार नहीं हैं तो एक तय समय या सीमा में वह बंधकर रह जाती हैं। हिन्दी की विशेषता ही उदारता हैं खड़ी बोली से शुरू हुई हिन्दी, उर्दु, अरबी, फारसी, क्षेत्रीय प्रयोग से लेकर हिंग्लिश तक परिवर्तित हुई और समय के साथ-साथ अपने स्वरूप को निखारती व विस्तृत करती रही। भाषा के विकास की दूसरी शर्त यह हैं कि भाषा स्वयं के रूढ़िपरक और अप्रचलित रूप को त्याग दें, हिन्दी ने समयानुसार स्वयं के रूढ़िपरक और अप्रचलित रूप को त्याग कर नया चोला पहना इसी कारण यह आज भी प्रासंगिक हैं। हिन्दी के विकास तीसरा प्रमुख कारण नई संरचनाओं व प्रयोगशीलता का सदैव स्वागत करना रहा। हमारे समाज ने हिन्दी भाषा के प्रति जिस उदार रवैये को अपनाया इसी कारण से आप पांएगे कि आज देश का एक बड़ा वर्ग हिन्दी में बात व कार्य करने में तकलीफ महसूस नहीं करता। हिन्दी के लिए आज के परिदृश्य में अगर बात करें तो मेरे विचार से हमें क्लिष्ट हिन्दी के स्थान पर सरल हिन्दी या आम बोलचाल की हिन्दी पर अधिक जोर देना चाहिए। हमें इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि यदि हिन्दी का कोई ऐसा शब्द जो अधिक प्रचलित नहीं हैं और अगर उसके स्थान पर यदि उर्दु या अंग्रेजी के शब्द कार्य कर सकते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं हैं, जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हुं भाषा का उदार होना आवश्यक हैं। डाॅ. दुबे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के व्यक्तित्व पर भी एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया जिसमें उन्होने महात्मा गांधी द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुसार उनके व्यक्तित्व को सभा के सामने प्रस्तुत किया। डाॅ. दुबे ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व व उनके विचार के प्रति सभा के संदेहों को भी अपने जवाबों के माध्यम से दूर किया। हिन्दी सप्ताह प्रतियोगिता कार्यक्रम के अनुसार आज संस्थान के आचार्यों, प्रशासनिक अधिकारियों, छात्रों व कर्मचारियों के मध्य हिन्दी अनुवाद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।

Posted by LNIPE on Tuesday, 18 September 2018
 
Arrow एलएनआईपीई की वार्षिक पत्रिका अभिव्यक्ति का विमोचन व हिन्दी सप्ताह, एसपीएआई (स्पाई) वेबसाइट का शुभांरभ

एलएनआईपीई की वार्षिक पत्रिका अभिव्यक्ति का विमोचन व हिन्दी सप्ताह, एसपीएआई (स्पाई) वेबसाइट का शुभांरभ लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आज हिन्दी सप्ताह का शुभारंभ प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा (कुलपति, एलएनआईपीई) के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रो. विवेक पांडे (कुलसचिव एलएनआईपीई) रहें। समारोह के आरंभ में श्री एम.पी सिंह (ज्वांइट रजिस्ट्रार, एलएनआईपीई) ने कुलपति प्रो. डुरेहा व कुलसचिव प्रो. पांडे का स्वागत किया। स्वागत समारोह के उपरांत कुलपति प्रो. डुरेहा का संबोधन हुआ जिसमें उन्होने सभी को हिन्दी दिवस की बधाई दी और कहा कि हम चाहेंगे आप सभी हिन्दी दिवस के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभागिता दर्ज कराए। हमने युवा कार्यक्रम व खेल मंत्रालय, भारत सरकार की तर्ज पर हिन्दी के सहज व सरल स्वरूप को अपनाया हैं। हमारा संस्थान राजभाषा हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए पूर्णतः समर्पित हैं और हमारे संस्थान में सभी पत्राचार, सूचना, आदेश द्विभाषी होते हैं। हमारे सभी कार्यालय सभी तरह के पत्राचार अधिकांश हिन्दी में कर रहे हैं। हम चाहेंगे कि आप सभी हमारी राजभाषा हिन्दी में कार्य करने के लिए और लोगों की भी प्रोत्साहित करें। हम सभी यह देखते हैं कि हमारे प्रधानमंत्री देश-विदेश के सभी मंचों पर अपना संबोधन हिन्दी में देते हैं मैं भी उनका अनुसरण करता हुं और संस्थान परिसर या बाहर सभी मंचों पर अधिकांशतः हिन्दी का ही प्रयोग करता हुं। कुलपति प्रो. डुरेहा ने सभी को हिन्दी दिवस की आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं भी दी। वार्षिक पत्रिका “अभिव्यक्ति” का विमोचन- कुलपति प्रो. डुरेहा ने इसके उपरांत सभी संस्थान सदस्यों के साथ संस्थान की वार्षिक पत्रिका अभिव्यक्ति का विमोचन किया और कहा हिन्दी की महत्वता को ध्यान में रखते हुए हमने इस वर्ष संस्थान की तीसरे संस्करण को प्रकाशित करने का निर्णय लिया था। हमें प्रसन्नता हैं कि आज हम इस वार्षिक पत्रिका का विमोचन आपके समक्ष कर रहे। एसपीएआई (स्पाई) वेबसाइट का शुभांरभ- समारोह के अंत में कुलपति प्रो. डुरेहा ने स्पोट्र्स साइकोलाॅजी एसोसिएसन आॅफ इंडिया के वेबसाइट का शुभारंभ किया और सभी को वेबसाइट की आवश्यक्ता व विशेषताओं से परिचित कराया। कुलपति प्रो. डुरेहा ने सभी को बताया कि यह वेबसाइट देश के सभी स्पोट्र्स साइकोलाॅजिस्ट को एक मंच पर लाने का प्रयास हैं और हमें आशा हैं कि यह वेबसाइट भारत के सभी स्पोट्र्स साइकोलाॅजिस्ट को इस क्षेत्र के विकास व विस्तार में सहायता करेगा। संस्थान में हिन्दी सप्ताह कार्यक्रम के अनुसार संस्थान के आचार्यों, प्रशासनिक अधिकारियों, छात्रों व कर्मचारियों के लिए आज कविता लेखन प्रतियोगिता व आगामी दिवसों में हिन्दी में विभिन्न प्रतियोगिताओं व कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

Posted by LNIPE on Monday, 17 September 2018
Arrow IAAF CECS Level-1 Course 10-21 Sep, 2018

 

Posted by LNIPE on Tuesday, 11 September 2018
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ग्रेटर ग्वालियर के सहयोग से केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी गई राहत सामग्री

 

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राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित हुए कई कार्यक्रम 

 

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एलएनआईपीई के पूर्व प्राचार्य व अधिष्ठाता प्रो. एम रॉबसन का दुखद निधन 

 

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Independence Day Celebration in LNIPE  Campus  

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एलएनआईपीई ने किशोर न्याय बोर्ड में चलाया स्वच्छता अभियान

 

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार दिनांक 01.08.2018 से 15.08.2018 तक आयोजित 15 दिवसीय स्वच्छता पखवाड़े के अंर्तगत आज लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान के प्रभारी कुलसचिव प्रो. विवेक पांडे, किशोर न्याय बोर्ड में स्वच्छता अभियान के लिए विशेषतः आमंत्रित श्रीमती अराधना डुरेहा, प्रो. विल्फ्रेड वॉज़ (निदेशक, खेल, विस्तार सेवाएं व रोजगार प्रकोष्ठ), प्रो. के.के साहु, प्रो. सी.पी भाटी, डॉ. एम.एस राठौर संस्थान के छात्रों व कर्मचारियों के साथ बच्चों को स्वच्छता, शिक्षा व खेल के महत्व पर जागरूक करने हेतु ग्वालियर शहर के किशोर न्याय बोर्ड गए। श्रीमती डुरेहा ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आप सभी के लिए पूरा आसमान खुला हैं। बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए श्रीमती डुरेहा ने कहा कि बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक हैं कि आप स्वयं के आवश्यक्ता अनुसार सकरात्मक कदम उठाएं और नकरात्मक गतिविधियों से दूरी बनाए। आप सभी गुणवान हैं आवश्यक्ता हैं स्वयं को समय देने की व स्वयं की बेहतर पहचान की। आप सभी को इस परिसर में रहते हैं इसलिए यह आपका दायित्व हैं कि आप सभी इस परिसर की स्वच्छता का ख्याल रखें। आपको स्वच्छता के साथ ही शिक्षा व खेलों को भी र्प्याप्त समय देना चाहिए। प्रभारी कुलसचिव प्रो. पांडे ने बच्चों से कहा कि स्वच्छता अच्छे स्वास्थ की कुंजी हैं अंतः स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यक्ता हैं। प्रभारी कुलसचिव प्रो. पांडे ने बच्चों से कहा कि हम सभी को प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि हमारे पर्यावरण के लिए यह अंत्यत ही हानिकारक हैं। प्रो. वॉज़ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें संपूर्ण स्वच्छता पर ध्यान देना हैं और संपूर्ण स्वच्छता से मेरा तात्पर्य आंतरिक व बाह्य दो प्रकार की स्वच्छता व शुद्धता से हैं। आंतरिक अर्थात आत्मा की शुद्धता, बुरे विचारों का त्याग व सही भाषा के चयन से हैं व बाह्य से तात्पर्य सही जीवनशैली, आसपास की स्वच्छता से। बच्चों को संबोधित करने से पूर्व संस्थान के आचार्यों, छात्रों व कर्मचारियां ने किशोर न्याय बोर्ड के परिसर में स्वच्छता अभियान के तहत साफ-सफाई भी की।
संस्थान के छात्रों ने मनोरंजक खेलों व एरोबिक्स डांस के द्वारा बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। किशोर न्याय बोर्ड से लौटने से पूर्व संस्थान के आचार्यों व छात्रों ने वहां के छात्रावासों का दौरा भी किया।

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एलएनआईपीई में आज से 15 दिवसीय स्वच्छता पखवाड़ा आरंभ

 

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार आज दिनांक 01.08.2018 से 15.08.2018 तक लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में 15 दिवसीय स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा हैं। इस पखवाडे़ का उद्देश्य संस्थान व संस्थान परिसर के बाहर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना हैं। पखवाड़े के तहत सम्पूर्ण 15 दिनों का कार्यकम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नियोजित हैं। सभी कर्मचारियों, अधिकारियों व आचार्यों को इन 15 दिनों में न्यूनतम 30 मिनट अपने कार्यालय व कार्यालय के आसपास सफाई व स्वच्छता पर देना हैं। आज पखवाड़े के पहले दिन संस्थान के क्रिकेट ग्राउंड के आसपास वृक्षारोपण किया गया। वृक्षारोपण में संस्थान के प्रभारी कुलपति प्रो. जे.पी वर्मा, संस्थान के प्रभारी कुलसचिव प्रो. विवेक पांडे, संस्थान के सभी आचार्य व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें। वृक्षारोपण से पूर्व प्रभारी कुलपति प्रो. वर्मा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के कई हिस्से जलसंकट व अस्वच्छ वातावरण की समस्या से ग्रसित हैं ऐसे में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस पखवाडे़ के आयोजन करने से समाज में पर्यावरण व स्वच्छता के प्रति सकरात्मक संदेश जाएगा। प्रभारी कुलसचिव प्रो. पांडे ने कहा कि हम सभी यदि बुनियादी कार्य सही रखें तो फिर चाहे वो जलसंकट की समस्या हो या अस्वच्छ वातावरण हम बड़ी से बड़ी समस्याओं को समाप्त कर सकते हैं। अपने आसपास सफाई व स्वच्छता का ध्यान रखकर हम किसी ओर की नही अपितु स्वयं की सहायता कर रहें हैं। वृक्षारोपण प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में अत्यंत ही आवश्यक हैं और यह करना प्रकृति के प्रति हमारा दायित्व हैं।

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यूजीसी से मिला केटेगरी-1 विश्वविद्यालय मानी गई संस्था का दर्जा

 

 

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भारतीय जूनियर वालीबॉल टीम का चयन

 

 

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 एलएनआईपीई, ग्वालियर में चौथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2018

 

  

लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर जिला प्रशासन व मध्य प्रदेश शासन स्कुल शिक्षा विभाग ने आज दिनांक 21.06.2018 को एलएनआईपीई के फुटबाॅल ग्राउंड पर चैथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का संयुक्त आयोजन किया। इस अवसर पर श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी (पंचायती राज, खनन व ग्रामीण विकास मंत्री भारत सरकार), श्री जयभान सिंह पवैया जी ( उच्च शिक्षा, लोक शिकायत निवारण व लोक सेवा प्रबंधन मंत्री, मध्य प्रदेश शासन), श्रीमती माया सिंह (नगरीय प्रशासन मंत्री, मध्य प्रदेश शासन), श्री नारायण सिंह कुशवाहा जी (नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, मध्य प्रदेश शासन) व श्री विवेक नारायण शेजवलकर जी (महापौर, ग्वालियर) विशिष्ट अतिथि रहें। प्रो. दिलीप डुरेहा (कुलपति, एलएनआईपीई) ने सभी विशिष्ट अतिथियों का कार्यक्रम स्थल पर स्वागत किया। सभी अतिथियों ने मंचासीन होने से पूर्व विवेकानंद जी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि स्वरूप पुष्प अर्पित किया। अतिथियों के मंच पर आसिन हाने के उपरांत माननीय श्री नरेंद्र सिंह तोमर का संबोधन हुआ जिसमें माननीय केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने सभी अतिथियों समेत सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बधाई दी। माननीय केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि आज का दिन सभी भारतीयों के लिए प्रसन्नता व गौरव का दिन हैं, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी की अथक व सार्थक प्रयासों से आज योग संपूर्ण विश्व (लगभग 177 देशों में) में एक साथ किया जाएगा। योग शारीरिक, मानसिक व आत्मीय शक्ति को एकीकृत कर व्यक्ति को मजबूत करता हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति एक स्वस्थ समाज का निर्माण करता हैं अंत स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत व श्रेष्ठ भारत के हमारे लक्ष्य के लिए योग की भुमिका अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं। योग की इसी महत्वता को समझते हुए यु.एन ने भी अंर्तराष्टीय योग दिवस के प्रस्ताव को अल्पावधि में ही स्वीकृत कर लिया था। माननीय केंद्रीय मंत्री श्री तोमर के संबोधन के उपरांत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया।
योग आसनों का शुभारंभ राष्ट्रगीत के उपरांत हुआ। मंत्रालय द्वारा पूर्व निर्धारित योग आसनों में पहले हाथों, गर्दन व कंधों के हल्के व्यायाम कराया गया फिर सारे योगाासान क्रमवार तरीके से कराए गए। कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन हेतू क्रीड़ास्थल में 4 बड़े स्क्रीन व उच्च ध्वनि संयत्र लगाए गए थे। योग गुरुओं द्वारा मंच पर किए जा रहे आसनों को सभी के द्वारा अनुसरित किया गया। योग आसनो के सही क्रियान्वयन व अनुसरण के लिए संस्थान के योग विज्ञान विभाग के छात्रों ने सक्रिय भुमिका निभाई। योग आसनो के उपरांत प्रार्थना व ध्यान कराया गया। योगाभ्यास समाप्त होने के पश्चात विशिष्ट अतिथियों द्वारा एलएनआईपीई में पिछले एक सप्ताह से अंर्तराष्टीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित बहुविकल्पिय प्रश्न, निबंध, स्लोगन और योगासना प्रतियोगिताओ के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
संपूर्ण आयोजन स्थल को प्रतिभागियों के सुविधानुसार 12 विभिन्न भागों मंे विभाजित था, जिसमें संस्थान व ग्वालियर शहर से लगभग 3000 पुरूष, महिला व बच्चों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियता दर्ज कराने वाली संस्थाओं में एलएनआईपीई ग्वालियर, शासकीय विद्यालय शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, अशासकीय विद्यालय शिक्षा विभाग, प्रजापिता ब्रहमकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, दिव्यांग व विश्व योग केंद्र, विवेकानंद नीडम, पतंजलि योग समिति, गायत्री परिवार आनंद विभाग, आर्ट आॅफ लिविंग हिमालय योग व ध्यान केंद्र, शासकीय कर्मचारी प्रमुख रहें।

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 खेल विश्वविद्यालयों द्वारा खेल व खेल शिक्षा के एक या एक से अधिक विशिष्ट घटकों के विकास पर चर्चा

 

 

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वॉलीबाल राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के खिलाड़ियों को दिए गए ट्रेनिंग किट 

 

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IAAF CECS level-I Course

 

 

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Indian Junior (U-20) Volleyball (Men) Coaching camp
06-05-2018 to 19-072018

 

 

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एलएनआईपीई में ग्रीष्मकालिन शिविर का शुभारंभ

 

 

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जूनियर एशियन चैम्पियनशिप हेतु भारतीय वॉलीबॉल टीम का कोचिंग कैम्प

 

 

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एलएनआईपीई में स्मार्ट क्लास का उद्घाटन

 

 

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Ceremony Roof Grid Tie Solar Project

 

एलएनआईपीई में “सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना व प्रयोगिकरण” का उद्घाटन
लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में “सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना व प्रयोगिकरण” का उद्घाटन आज संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा ने किया। उद्घाटन समारोह में कुलपति प्रो. डुरेहा ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेद्र मोदी जी ने देश के सभी नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा था कि हमें प्राकृतिक ऊर्जा पर अपनी निर्भरता को बढ़ाना चाहिए। युवा कार्यक्रम व खेल मंत्रालय, भारत सरकार ने प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेद्र मोदी जी के इन्ही विचारां का अनुसरण करते हुए हमें निर्देशित किया कि हमें इस विचार को प्रायोगिक व व्यवहारिक रूप देना चाहिए। मुझे प्रसन्नता हैं कि आज हम इस कार्य को पूर्ण कर इसका शुभारंभ करने जा रहे हैं।
उल्लेखनीय हैं कि संस्थान ने यह कार्य M/s PEC Limited (भारत सरकार का उपक्रम) को दिया था। जिसमें संस्थान की 14 भवनों के छतों पर 650 के.वी के संयंत्र स्थापित किए गए। इस संयंत्र के माध्यम से जो बिजली उत्पादित की जाएगी उसे संस्थान मे प्रयोग किया जाएगा व अतिरिक्त युनिट को एम.पी.एम.के.वी.वी को दिया जाएगा। अतिरिक्त युनिट की राशि का समायोजन संस्थान के बिजली के बिल से किया जाएगा। M/s PEC Limited के अनुराग जी ने बताया कि संस्थान में लगाया गया संयंत्र मध्य प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा संयंत्र हैं।

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कैंडल जलाकर पास आउट स्टूडेंट ने शपथ ली और खिलाड़ियों को मिला अवार्ड

 

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एलएनआईपीई व प्रो-एएम के संयुक्त तत्वाधान में जिम्नास्टिक लीग का शुभारंभ

 

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National Workshop  on officiating, coaching and training Date 20-03-2018

 

एलएनआईपीई में वॉलीबाल, बास्केटबॉल व जिम्नास्टिक में “कोचिंग, ट्रेनिंग व ऑफिसिएटिंग” पर सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ
लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आज खेल प्रबंधन व कोचिंग विभाग द्वारा वॉलीबाल, बास्केटबॉल व जिम्नास्टिक में “कोचिंग, ट्रेनिंग व ऑफिसिएटिंग” पर आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला का शुभांरभ प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा (कुलपति, एलएनआईपीई) के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रो. विवेक पांडे रहें। शुभारंभ समारोह में श्री शैलेन देव रामडु (अनुदेशक, एफआईवीबी, कालाजोकी, फिनलैंड), श्री एस.आर.एस.एस.पी रायडु (केंद्र प्रभारी, एस.ए.आई, यनम पुदुचेरी), श्री भगवान बयास्कर (कोच, भारतीय जिम्नास्टिक टीम) भी अन्य प्रमुख अतिथियों में शामिल रहें। शुभांरभ समारोह के आरंभ में सभी अतिथियां का स्वागत किया गया जिसके उपरांत विशिष्ट अतिथि प्रो. पांडे का संबोधन हुआ। अपने संबोधन में प्रो. पांडे ने खेल प्रबंधन व कोचिंग विभाग को कार्यशाला के आयोजन के लिए बधाई दी व सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों का संस्थान में स्वागत किया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. डुरेहा ने अपने संबोधन में श्री शैलेन देव रामडु, श्री एस.आर.एस.एस.पी रायडु, व श्री भगवान बयास्कर का संस्थान आगमन पर अपने व संस्थान परिवार की तरफ से स्वागत व धन्यवाद किया। कुलपति प्रो. डुरेहा ने प्रतिभागियों से कहा कि कार्यशाला का प्रत्येक समय आप सभी के लिए मूल्यवान हैं क्योंकि जो वक्ता व विशेषज्ञ कार्यशाला में आपके समक्ष हैं वह सभी अपने क्षेत्रों के विद्वान हैं। आप सभी इस कार्यशाला के माध्यम से वॉलीबाल, बास्केटबॉल व जिम्नास्टिक में अधिकतम ज्ञान अर्जित करें यही मेरी आपके लिए शुभकामनाए हैं।
समारोह में स्वागत भाषण डॉ. के.के साहु (आयोजन सचिव), संचालन डॉ. नुसतरन बानो व धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. एस. मुखर्जी (विभागाध्यक्ष, खेल प्रबंधन व कोचिंग विभाग) ने दिया।
समारोह के उपरांत आज कार्यशाला का प्रांरभिक सत्र कॉमन सत्र रहा जिसमें कुलसचिव प्रो. पांडे ने खेल व्यायाम दैहिकी व खेल प्रशिक्षण विषय पर व्याख्यान दिया। प्रो. पांडे ने अपने व्याख्यान में प्रतिभागियों को खेल प्रशिक्षण, कोचिंग व खेल व्यायाम दैहिकी की बारीकियां बताई। प्रो. पांडे ने प्रतिभागियों को कोचिंग को ट्रेनिंग से पृथक बताते हुए कहा कि कोचिंग सामरिक योजना व कार्य से संबधित हैं जबकि ट्रेनिंग विशेष कौशल या व्यवहार से संबधित हैंं। पूर्व में कोचिंग व ट्रेनिंग दोनों ही क्षेत्र कोच के निरीक्षण में संपन्न होते थे परंतु अब कोचिंग व ट्रेनिंग दोनो ही क्षेत्रों की महत्वता को देखते हुए कोचिंग में कोच व ट्रेनिंग के क्षेत्र में ट्रेनर कार्य कर रहे हैं। फिटनेस व मसल्स बनाने की आज की प्रवृति पर बात करते हुए प्रो. पांडे ने कहा कि नवयुवक जो जिम जा रहे हैं वो अपने शरीर के ऊपरी हिस्से पर अधिक ध्यान देते हैं और निचले हिस्से पर कम इससे व ऊपरी हिस्से को तो मजबूत कर रहे हैं परंतु पूर्णतः फिटनेस प्राप्त करने से वह दूर हैं। कुछ लोग जिम जाते हैं और 20-25 मिनट के दौड़ व 30-35 मिनट की व्यायाम या 400-500 सिट-अप के उपरांत कहते हुए पाए जाते हैं कि मेरा फैट कम नहीं हो रहा। उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि 30-35 मिनट के वर्कआउट या दौड़ के उपरांत हमारे फैट बर्न की प्रक्रिया आंरभ होती हैं उसके पहले हमारे शरीर से कार्ब बर्न होता हैं। 400-500 सिट-अप से अगर आपके पेट से फैट नहीं जा रहा तो आप यह समझिए कि आपको अतिरिक्त वजन के साथ इस प्रक्रिया को पूर्ण करना चाहिए। फैट बर्न करने के लिए व्यक्ति हाई इंटेसिटी ट्रेनिंग की आवश्यक्ता होती हैं साथ ही फैट बर्न करने का शारीरिक लक्ष्य भी तय होना चाहिए। शरीर के जिस हिस्से का फैट आपको कम करना हैं उस क्षेत्र के अनुसार वैसा व्यायाम हाई इंटेसिटी पर करने के उपरांत ही आप फैट कम कर सकते हैं। प्रो. पांडे ने एरोबिक व्यायाम व एनोराबिक व्यायाम के बारे में प्रतिभागियों को बताते हुए कहा कि जिन व्यक्तियों का लक्ष्य वजन कम करना हैं उन्हे एरोबिक व्यायाम करने चाहिए जैसे -रनिंग, स्वीमिंग, जांगिग इत्यादि। अपने व्याख्यान के अंत में प्रो. पांडे ने प्रतिभागियों को विभिन्न ट्रेनिंग जैसे मस्कयुलर स्टैं्रथ टेनिंग, एनडयुरेंस टेनिंग आदि के बारे में भी बताया। सांयकालिन सत्र में बास्केटबॉल, वॉलीबाल व जिम्नास्टिक तीनों ही खेलों के प्रतिभागियों को अपने-अपने ग्राउंड व हॉल पर विशेषज्ञों द्वारा अपने खेलों की प्रायोगिक व व्यवहारिक जानकारी मिली।
 

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Closing Ceremony National Workshop on "Recent Trends in Sports Physiotherapy " Date : 19-03-2018

 

एलएनआईपीई में “खेल फिजियोथेरेपी की नवीनतम प्रवृत्ति” पर आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन

लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आज स्वास्थ शिक्षा विभाग द्वारा “खेल फिजियोथेरेपी की नवीन प्रवृत्ति” विषय पर आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला का समापन प्र्रो. दिलीप कुमार डुरेहा (कुलपति, एलएनआईपीई) के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रो. विवेक पांडे रहें। समारोह में न्यूजीलैंड से कार्यशाला के लिए पधारीं श्रीमती वैशाली थमन (खेल फिजियोथेरेपिस्ट), प्रो. एल.एन. सरकार (विभागाध्यक्ष, स्वास्थ शिक्षा विभाग), डॉ. वी.डी. बिंदल (आयोजन सचिव) भी अन्य प्रमुख अतिथियों में शामिल रहें। समारोह के आरंभ में सभी अतिथियों का स्वागत किया गया जिसके उपरांत संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा का संबोधन हुआ। कुलपति प्रो. डुरेहा ने अपने संबोधन में डॉ. बिंदल व उनकी टीम को मसॉज व फिजियोथेरेपी पर क्रमानुसार दो कार्यशालाओं के सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि हम भविष्य में भी ऐसे कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे। हम इन कार्यशालाओं को भविष्य में और भी व्यवहारिक तौर पर आयोजित करने का प्रयास करेंगे। हम फिजियोथेरेपी में एक कोर्स को चलाने की योजना भी बना रहे हैं।
उल्लेखनीय हैं इस सात दिवसीय कार्यशाला में देश-विदेश से कई फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों व प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया व फिजियोथेरेपी के क्षेत्र के नवीन प्रवृतियों पर चर्चा की। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को कंधे, घुटने, कमर इत्यादि चोटों के बारे में व उनके उपचारों के बारे में विस्तार से जानकारी मिली। कार्यशाला के द्वारा प्रतिभागियों ने जाना कि चोट से बचना ही सर्वात्तम हैं व चोटिल होने पर प्राथमिक उपचार क्या व कैसे करना हैं। विशेषज्ञों ने कार्यशाला के दौरान भारतीय परिदृश्य में खिलाड़ियों के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार जैसे चोटिल होने के बावजूद आराम न करना, दर्द निवारक दवाओं का उपयोग कर मैच प्रेक्टिस करना जैसे विषयों पर चर्चा की और कहा कि ऐसे खिलाड़ी अप्रत्यक्ष तौर पर अपने खेल करियर का अंत स्वयं ही कर लेते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि खिलाड़ियों को चोटिल होने पर अपने चोट के उपचार के साथ ही आराम पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विदेशों में खिलाड़ी चोटिल होने पर उपचार के साथ पर्याप्त आराम करते हैं और ट्रेनिंग को विशेषज्ञों के निरीक्षण में ही करते हैं। इस तरह वह शीघ्र ही फिट होकर मैदान में वापसी करते हैं। विशेषज्ञों ने इस सात दिवसीय कार्यशाला के दौरान हॉट, कोल्ड, टेपिंग, हाइडो, वॉटर, वैक्स इत्यादि थेरेपी के बारे में व इनके प्रयोग के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से बताया।

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Hockey Officiating Clinic 16-18, March 2018

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Opening Ceremony National Workshop on "Recent Trends in Sports Physiotherapy " Date : 13-03-2018

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International Conference on Issues & New Idea in Sports Management (08 – 10 March, 2018)

युवा कार्यक्रम व खेल मंत्रालय के तत्वाधान में लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान द्वारा खेल प्रबंधन के नव विचार व मुद्दों पर तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन नई दिल्ली में दिनांक 8 से 10 मार्च तक किया गया। इस सम्मेलन के शुभारंभ के अवसर पर श्री राहुल भटनागर जी (खेल सचिव, युवा कार्यक्रम व खेल मंत्रालय, भारत सरकार) मुख्य अतिथि रहें। समारोह के विशिष्ठ अतिथि ब्रिगेडियर लाभ सिंह रहे। श्रीमती किरन सोनी गुप्ता (अतिरिक्त सचिव व वित्तीय सलाहकार, युवा कार्यक्रम व खेल मंत्रालय, भारत सरकार), डॉ. अविनाश सिद्धु (पूर्व कप्तान भारतीय हॉकी महिला टीम, व भारतीय महिला वॉलीबाल टीम सदस्य) संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा, कुलसचिव प्रो. विवेक पांडे अन्य प्रमुख अतिथियों में शामिल रहें। सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर ‘‘अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस’’ को ध्यान में रखते हुए भारतीय खेल जगत में उपलब्धियों को हासिल करने वाली महिला खिलाड़ियों को मुख्य अतिथि श्री राहुल भटनागर जी ने सम्मानित किया जिनमें दीपा कर्माकर (जिम्नास्ट खिलाड़ी, भारत) अरूना रेड्डी (जिम्नास्ट खिलाड़ी, भारती) पिंकी जांगर (मुक्केबाज, भारत) सोनिया लाथर सिंह (मुक्केबाज, भारत), एल सरिता (वेट लिफ्टिंग, भारत), दिव्या सिंह (पूर्व कप्तान, बास्केटबॉल) इनके साथ ही श्री बी.एस. नंदी (दीपा कर्माकर के कोच) को भी सम्मानित किया गया । तीन दिवसीय चले इस कार्यक्रम में देश विदेश से कुल 600 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और खेल प्रबंधन, खेल विज्ञान के क्षेत्र पर चर्चा की इस दौरान तकनीकी सत्र व पैनल डिस्कसन भी हुआ जहां प्रतिभागियों ने अपने विचारों को रखा। शोध पत्र प्रस्तुतिकरण के साथ ही छात्रों ने पोस्टर के द्वारा भी अपने शोध को प्रस्तुत किया जिसमें अनिकेत, योगेश, प्रवीन को प्रथम व प्रियंका व श्रीकांत को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
समापन समारोह में प्रो. एस. मुखर्जी (आयोजन सचिव) ने तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की व कुलसचिव प्रो. पाण्डे ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रेषित किया।

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Opening Ceremony National Workshop on "Therapeutic & Sports Massage"

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Closing of National Workshop on Sports Nutrition, Exercise and Weight Management

एलएनआईपीई में पोषण, व्यायाम व वजन प्रबंधन पर राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन
लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान के खेल प्रबंधन व कोचिंग विभाग द्वारा पोषण, व्यायाम व वजन प्रबंधन पर आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन संस्थान के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. डुरेहा, डाॅ. रोहित बहुगुणा (फिटनेस विशेषज्ञ) समेत सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया गया। समापन समारोह के अपने संबोधन में कुलपति प्रो. डुरेहा ने डाॅ. बहगुणा समेत कार्यशाला के लिए आए सभी विशेषज्ञों को धन्यवाद कहा। कुलपति प्रो. डुरेहा ने प्रो. एस मुखर्जी, डाॅ. आशीष फुलकर (आयोजन सचिव), डाॅ. के.के साहु (संयुक्त आयोजन सचिव) व खेल प्रबंधन व कोचिंग विभाग के सभी सदस्यों को कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कुलपति प्रो. डुरेहा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यशाला आपके ज्ञान को बढ़ाने का कार्य करते हैं और आपको अपने करियर क्षेत्र में एक और आयाम को जोड़ने का अवसर मिलता हैं। मैं आप सभी को यह बताना चाहता हुं कि हमें यह ज्ञात हैं कि आप ऐसे कार्यशालाओं में प्रतिभागिता दर्ज कराना चाहते हैं इसलिए हम अब प्रत्येक वर्ष एडाप्टेड फिजिकल एजूकेशन और स्पोट्र्स न्युट्रिशन पर कार्यशाला का आयोजन करेंगे। स्पोट्र्स न्युट्रिशन महत्वपूर्ण व उपेक्षित दोनो ही क्षेत्रों में आता हैं। हमें इसकी महत्वता को समझना होगा। आज कल के बच्चे, खिलाड़ी इंटरनेट के माध्यम से विडियो व अधुरी जानकारी प्राप्त कर अलग-अलग डाइट को फाॅलो करने लगते हैं। ऐसे डाइट फाॅलो करने वाले खिलाड़ियों को इसके दुष्परिणाम के रूप में अपने जान को भी गवाना पड़ता हैं। आप सभी अपकमिंग टीचर और कोच के रूप में कार्य करने वाले हैं अंतः आप या आपका कोई साथी, खिलाड़ी अगर ऐसी गलती करता हो तो उन्हें आप जागरूक करें। आपको भी जब आवश्यक्ता महसूस हो तो बिना डाॅक्टर, डाइटिशियन व न्युट्रिशन एक्सपर्ट के सलाह के आप भी ऐसा न करें। आप आने वाली पीढ़ी के शिक्षक हैं मेरा आप सभी से आग्रह हैं कि आप सभी आज के समय के मुताबिक अपने को अपडेट व अपग्रेड करें। समारोह में डाॅ. आशीष फुलकर ने कार्यशाला के संक्षिप्त रिपोर्ट को शार्ट विडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया। समापन समारोह का संचालन डाॅ. नूसतरन बानो व धन्यवाद प्रस्ताव डाॅ. के.के साहु ने किया।
समापन समारोह से पहले आज के प्रातःकालीन सत्र में डाॅ. बहुगुणा ने प्रतिभागियों को स्पोटर्स व फिटनेस में प्रीहेब व फोम ट्रेनिंग तकनीक के बारे में बताया। डाॅ. बहुगुणा ने प्रतिभागियों को बताया कि यह तकनीक इंजरी प्रीवेंशन के साथ ही रिकवरी में भी काफी सहायक हैं। हमारे शरीर में कई ऐसे मसल्स व तंत्रिका हैं जो काफी संवेदनशील हैं ऐेसे में फोम ट्रेनिंग तकनीक आपको दर्द में आराम पहुंचाने के साथ ही आपको तेजी से रिकवरी में मदद करता हैं।

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National Workshop on Sports Nutrition, Exercise and Weight Management

 

एलएनआईपीई में पोषण, व्यायाम व वजन प्रबंधन पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ
लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान के खेल प्रबंधन व कोचिंग विभाग द्वारा आयोजित पोषण, व्यायाम व वजन प्रबंधन पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ आज डाॅ. डी.के दुबे (निदेशक, डी.आर.डी.ई, ग्वालियर) के मुख्य आतिथ्य मंे हुआ। समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रो. जे.पी वर्मा (प्रभारी कुलपति, एलएनआईपीई, ग्वालियर) रहें। समारोह का शुभांरभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रजवलन के साथ हुआ। इसके उपरांत मुख्य अतिथि डाॅ. दुबे, विशिष्ट अतिथि प्रभारी कुलपति प्रो. वर्मा, मुख्य वक्ता मिस नेन्सी क्लार्क (स्पोट्र्स न्युट्रिशन एक्सपर्ट, यु.एस.ए) व डाॅ. वाई. वेकेंटरमन (हेड, डिपार्टमेंट आॅफ वर्क फिजीयोलाॅजी एण्ड स्पोट्र्स न्यूट्रिशन, आई.सी.एम.आर, हैदराबाद) का स्वागत किया गया। सभी अतिथियों के स्वागत उपरांत प्रभारी कुलपति प्रो. वर्मा का संबोधन हुआ अपने संबोधन में कुलपति प्रो. वर्मा ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस कार्यशाला का विषय आज के समय की आवश्यक्ता हैं क्योंकि डब्लू.एच.ओ के रिपोर्ट के अनुसार विश्व में लगभग 2 मिलियन लोग ऐसे हैं जो कि विटामिन ए व आयरन की कमी से ग्रसित है। लगभग 2 बिलियन लोग ऐसे हैं जो मोटापे से ग्रसित हैं इनमें ज्यादातर युवा पीढ़ी के बच्चे हैं। यह हम सभी के लिए एक सर्तकता संकेत हैं कि हम सभी इन विषयों पर जागरूक हो और अपना और अपने आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ रखने में एक-दूसरे की सहायता करें। हम सभी को डब्लु.एच.ओ की स्वस्थ रहने की गाइडलाइन का अनुपालन करना चाहिए जैसे कि नवशिशु को मां का दूध, अपने आहार में विभिन्न सब्जियों, फलों व अनाजों को शामिल करना व नमक व शक्कर का न्यूनतम मात्रा का बनाए रखना इत्यादि पर ध्यान देना चाहिए। मुझे आशा हैं आने वाले 4-5 दिनों में मैडम क्लार्क, डाॅ. वेंकेटरमन और अन्य विशेषज्ञ वक्ता इस कार्यशाला के माध्यम से आप सभी प्रतिभागियांे का इस विषय से जुड़ी समस्याओं व समाधानों से आपको अवगत कराएंगे। मैं प्रो. मुखर्जी व उनकी टीम को कार्यशाला के आयोजन के लिए विशेषतः बधाई देता हुं। आप सभी को कार्यशाला के लिए मेरी शुभकामनाएं। प्रभारी कुलपति प्रो. वर्मा के उपरांत मुख्य अतिथि डाॅ. दुबे का संबोधन हुआ। अपने संबोधन में डाॅ. दुबे ने कहा कि यह मेरे लिए सम्मान का विषय हैं मुझे आज इस गौरवशाली संस्थान में आने का अवसर मिला मैं प्रभारी कुलपति प्रो. वर्मा व एलएनआईपीई प्रशासन को धन्यवाद करता हुं। हमारा शरीर प्रकृति के एक उत्कृष्ट रासायनिक संतुलन का उदाहरण हैं। हम अपने दैनिक कार्याे के लिए भौतिक गतिविधि करते हैं यहीं पर न्युट्रिशन व फिजियोलाॅजी का कार्य आंरभ होता हैं। शरीर के रासायनिक संतुलन व भौतिक गतिविधि के लिए आवश्यक ऊर्जा उत्पन्न व उसका सामंजस्य बनाए रखने का। आप सभी प्रतिभागियों के लिए सुनहरा अवसर हैं कि आपके समक्ष इन विषयों के राष्ट्रीय व अंर्तराष्ट्रीय विशेषज्ञ उपस्थित हैं। आप सभी इस कार्यशाला को अच्छे से पूर्ण करें और अधिकतम ज्ञान अर्जित करने का प्रयास करें। शुभारंभ समारोह के अंत में डाॅ. आशीष फुलकर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रेषित किया।
शुभांरभ समारोह के उपरांत आज का पहला व्याख्यान डाॅ. वेंकेटरमन ने लिया जिसमें स्पोटर्स न्युट्रिशन की आवश्यक्ता व भारतीय खेलों पर इसके प्रभाव पर चर्चा की गई। अपने व्याख्यान में डाॅ. वेंकेटरमन ने प्रतिभागियों को बताया कि क्या प्रमुख चीजें हैं जो कि एक खिलाड़ी को बनाती हैं। इसमें अनुवांशिकी, सुविधाएं, पोषण, जांच, प्रतिभा पहचान, सीखने की काबिलियत, दृढ़-संकल्पता व वैज्ञानिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण बिन्दूओं पर चर्चा की गई। डाॅ. वेंकेटरमन ने अंर्तराष्ट्रीय खेलों जैसे साउथ-ऐशियन गेम्स, काॅम्नवेल्थ व ओलम्पिक के माध्यम से प्रतिभागियों को बताया कि हमारे देश का स्थान कहां हैं और हमारे कमजोर प्रदर्शन के लिए एक पिरामिड आकृति के माध्यम से स्पष्ट किया कि भारत में केवल 10 प्रतिशत लोग खेलते हैं जबकि जो देश खेलों में अच्छा कर रहें वहां कि 80 प्रतिशत आबादी किसी न किसी खेल गतिविधि में सक्रिय है। डाॅ. वेंकटरमन ने आगे कहा कि हर खेल व हर खिलाड़ियों की आवश्यक्ताएं अलग होती हैं। खेलों के आधार पर व्यक्ति का भार व लंबाई की अलग आवश्यक्ताएं तो हैं ही साथ उन खेलों में निश्चित स्थानों की आवश्यक्ता भी अलग हंै जैसे एक गोलकीपर की और आक्रमण क्रम पर खेल रहे खिलाड़ियों की। इन खिलाड़ियों की न्युटिशनल वैल्यु व डाइट भी इनके पोजिशन के अनुसार अलग-अलग होनी चाहिए। यदि खिलाड़ी दूसरे हाॅफ में भाग नही पा रहा तो इसका मतलब यह नही कि वह फिट नही बल्कि यह हैं कि उसने कार्ब की मात्रा का कम उपभोग किया हैं। डाइट के मुख्यतः तीन माइक्रोन्युट्रिएन्टस कार्ब, फैट व प्रोटिन में बदलाव कर हम खिलाड़ियों को उनके खेल के हिसाब से तैयार करते हैं अंतः उनके प्री, डयुरिंग व पोस्ट मील का सही व निर्धारित मात्रा देकर हम खिलाड़ियांे के माइक्रोन्युट्रिएन्टस कार्ब, फैट व प्रोटिन के कमी को पूरा करते हैं। डाॅ. वेंकटरमन ने स्प्रींटरर्स, फुटबाॅल, हाॅकी व बाक्सिंग के खिलाडियों के उदाहरण देकर इन सभी विषयों पर चर्चा की।

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एलएनआईपीई ने ग्रीन इंडिया इनिसिएटिव के तहत बाईसीशेयर टेक्नोलॉजी से किया एमओयू